दोस्तों, आज हम आपको जीवन के एक ऐसे कड़वे सच से रूबरू कराने वाले हैं, जिसकी वजह से दुनिया के करोड़ों लोग अंदर ही अंदर घुट-घुटकर जी रहे हैं। बाहर से सब कुछ सामान्य दिखाई देता है, लेकिन अंदर से वे खुश नहीं हैं। वे न तो खुलकर हंस पाते हैं और न ही अपने सपनों को जी पाते हैं।
दुनिया में अधिकांश लोग सिर्फ इसलिए अपनी नौकरी, करियर या जीवन की परिस्थितियों को ढो रहे हैं क्योंकि उनके ऊपर परिवार की जिम्मेदारियां हैं। वे अपने मन का काम छोड़ चुके हैं और दूसरों की उम्मीदों के अनुसार जीवन जी रहे हैं। अपने सपनों की बलि चढ़ा कर दूसरों के सपनों के लिए काम कर रहे हैं| वे काम पर जाना नहीं चाहते लेकिन मजबूरी में जाना पड़ता है|और दुर्भाग्य से हम भी इस लिस्ट में शामिल हैं| इसलिए अगर आप अपनी जिंदगी को अपने हिसाब से जीना चाहते हैं तो अपने career का चुनाव सोच समझ कर करें|
तो अगर आप भी इस बात को लेकर उलझन में हैं कि जीवन में सही Career कैसे चुनें, तो यह लेख आपके लिए है।
आखिर इतने लोग अपनी नौकरी और करियर से खुश क्यों नहीं हैं?
एक सर्वे के अनुसार दुनिया के अधिकांश लोग अपनी नौकरी से पूरी तरह संतुष्ट नहीं हैं। हमने भी अपने आसपास कई लोगों से यह सवाल पूछा कि—
“क्या आप अपने काम से खुश हैं?”
ज्यादातर लोगों का जवाब था—”काम तो कर रहे हैं, लेकिन मन नहीं लगता।”
वे नौकरी इसलिए कर रहे हैं क्योंकि उन्हें सैलरी मिलती है, घर चलाना होता है और परिवार की जिम्मेदारियां निभानी होती हैं। लेकिन अंदर से वे कुछ और करना चाहते हैं।
यहीं से जीवन में तनाव, निराशा और असंतोष की शुरुआत होती है।
क्या हमारा Education System हमें अपने सपने चुनने देता है?
दोस्तों आजकल हमारा एजुकेशन सिस्टम ही नौकरी का गुलाम बन गया है। हमारे parents हमें पढ़ाते ही इसलिए हैं ताकिं हम पढ़-लिखकर कोई अच्छी नौकरी पा सकें। हमारे parents हमारे स्कूलींग टाईम से ही हमारे ऊपर अपनी इच्छाएं का बोझ लाद देते हैं।
दादा जी कहते हैं—
“मेरा पोता डॉक्टर बनेगा।”
माँ कहती हैं—
“मेरा बेटा इंजीनियर बनेगा।”
पिता कहते हैं—
“नहीं, इसे तो अफसर बनना चाहिए।”
लेकिन बहुत कम लोग बच्चे से पूछते हैं—
“तुम क्या बनना चाहते हो?”
“तुम्हारा सपना क्या है?”
“तुम्हें किस काम में खुशी मिलती है?”
लेकिन नहीं उन्हें तो हमारे सपनों से कोई मतलब ही नहीं होता। वे तो बस हमें पैसे कमाने की मशीन बना देना चाहते हैं।
और यहीं से समस्या शुरू होती है।
हम दूसरों के सपने पूरे करने में इतने व्यस्त हो जाते हैं कि अपने सपनों की आवाज सुनना ही भूल जाते हैं।उनकी उम्मीदों को पूरा करते करते हम इतने depressed हो जाते है कि अपने सपनों पर अपने अपने passion पर काम ही नहीं कर पाते।
फिर उसके बाद हमारी शादी हो जाती है और फिर बीबी और बच्चों की फरमाइश पूरी करते करते, हम भूल ही जाते है कि हमारी अपनी भी कोई जिंदगी थी। हमारे भी कुछ सपने थे।
बस फिर उसके बाद जिंदगी की race में भागते-भागते हम कब depression और anxiety के शिकार हो जाते हैं हमें पता ही नहीं चलता। इस तरह हमारी सारी जिंदगी दूसरों की उम्मीदों पर खरा उतरने में गुजर जाती है।
मेरी जिंदगी की सच्ची कहानी
हमारे स्कुली टाईम में हमारे साथ भी ऐसा ही हुआ था हम अपने जीवन में कुछ बड़ा करना चाहते हैं। या सच कहूं तो हम बचपन से ही क्रिकेटर बनना चाहते थे। चलते फिरते,सोते जागते हम बस क्रिकेट के बारे में ही सोचते रहते थे।
क्रिकेट हमारा सपना, हमारा जूनून सब कुछ था। और अपने सपने के लिए हम कड़ी मेहनत भी करते थे। लेकिन हमारे पैरेंट्स ने जबरदस्ती हमें एक ऐसे जाॅब में लगा दिया जो हमें बिलकुल पसंद नहीं था।
हमने लाख समझाने की कोशिश की लेकिन किसी ने हमारी एक ना सुनी। और फिर भी पैरेंट्स के दबाव की वजह से हमें उस जाॅब को करना पड़ा। परंतु उस काम में हमारा दिल बिल्कुल ही नहीं लगता था।
ऐसा लगता था जैसे समंदर की मछली को किसी ने एक छोटे से तालाब में क़ैद कर दिया हो। फिर भी हमने उस जाॅब के अनुसार ढलने की काफी कोशिश की लेकिन पता नहीं क्यों हम अंदर ही अंदर घुटते रहते थे कोई खुशी ही नहीं मिलती थी उस काम में।
और आखिरकार 3 सालों तक समय बर्बाद करने के बाद हमने उस जाॅब को छोड़ दिया। उसके बाद कुछ दोस्तों और रिश्तेदारों की सलाह पर हमने एक दुसरी जगह जाॅब कर ली। परंतु वहां भी हमें सुकून नहीं मिला।
हमारा पैशन, हमारे सपने हमे अंदर ही अंदर कुरेदते रहते। फिर एक दिन हमे एहसास हुआ कि हम नौकरी के लिए बने ही नहीं है। हमारा जन्म तो किसी और उद्देश्य के लिए हुआ है।
और एक दिन हमे ख्याल आया कि इस जाब को छोड़ कर अपने पैशन को फोलो करना चाहिए। लेकिन इस बार हमने इस जाॅब को नहीं छोड़ा है। और हम चाहेे तो इस जाॅब को छोड़ नहीं सकते। क्योंकि हमारी पुरी फैमिली हमारे ऊपर ही depend है।
परंतु आज हम अपने जाॅब के साथ साथ अपने पैशन पर, अपने सपनों पर भी काम कर रहे हैं। और इस काम में हमें जो खुशी मिलती है जो satisfaction मिलता है वह हमे किसी जाॅब में नहीं मिल सकती।
क्या नौकरी करना गलत है?
अब यहाँ एक बात बिल्कुल स्पष्ट कर देना जरूरी है कि हम नौकरी के खिलाफ नहीं हैं।
नौकरी करना गलत नहीं है। दुनिया में करोड़ों लोग नौकरी करके अपने परिवार का पालन-पोषण कर रहे हैं और सम्मानजनक जीवन जी रहे हैं। समस्या नौकरी में नहीं है, समस्या तब पैदा होती है जब आप केवल मजबूरी में वह काम कर रहे हों, जिसमें आपका मन बिल्कुल नहीं लगता।
कई लोग कहते हैं कि “अपने सपनों के पीछे भागना आसान है, लेकिन घर की जिम्मेदारियां निभाना मुश्किल है।”
यह बात काफी हद तक सही भी है।
अगर आपके परिवार की आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं है, माता-पिता आप पर निर्भर हैं या आपके ऊपर कई जिम्मेदारियां हैं, तो नौकरी करना आपकी मजबूरी नहीं बल्कि जिम्मेदारी हो सकती है।
लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि आप अपने सपनों को हमेशा के लिए दफना दें।
अगर आपके parents की financial condition ऐसी नहीं है कि वे आपके सपनों को सपोर्ट कर सकें तो आपको उनकी मजबूरी को समझते हुए कोई जाॅब कर लेनी चाहिए लेकिन इसका मतलब ये नहीं है कि आप अपने सपनों से compromise कर लेनी चाहिए।
यदि सच में आपके अंदर कोई passion है तो आपको उसे मरने नहीं देना चाहिए।आपको जांब के साथ साथ उसे भी improve करते रहना चाहिए। ताकि आप आगे चलकर अपने पैशन को अपने प्रोफेशन में तब्दील कर सकें क्योंकि यही एक चीज है जो आपको आपको सपने की तरफ ले जाएंगी
लेकिन अगर ये मर गया तो आपकी जिंदगी एक बोझ बन कर रह जाएगी। क्योंकि किसी सपने के टूटने के बाद उतना ही दर्द होता है जितना एक दिल के टुटने के बाद होता है और इस दर्द को हमसे बेहतर और कौन समझ सकता है।
अपने Passion को कभी मत मरने दीजिए
दुनिया में ज्यादातर लोग एक बड़ी गलती करते हैं।
वे नौकरी मिलने के बाद अपने सपनों को पूरी तरह भूल जाते हैं।
धीरे-धीरे उनका जुनून खत्म होने लगता है। वे वही करते हैं जो उनसे करवाया जा रहा है और एक दिन ऐसा आता है जब वे खुद से पूछते हैं—
“क्या मैं सच में यही जिंदगी जीना चाहता था?”
यदि आपके अंदर कोई जुनून है, कोई सपना है, तो उसे जीवित रखिए।
चाहे आप नौकरी कर रहे हों, पढ़ाई कर रहे हों या बिजनेस कर रहे हों, हर दिन थोड़ा समय अपने Passion को जरूर दीजिए।
क्योंकि यही वह चीज है जो आपको दूसरों से अलग बनाती है।
जीवन में सही Career कैसे चुनें?
अब आप यह मत सोचना कि हम आपको आपके parents के खिलाफ भड़का रहे हैं हम जानते हैं कि हमारे पैरेंट्स को हमारे future की चिंता रहती हैं।
इसलिए वे चाहते हैं तो हम financially रूप से Secure हो जाएं और ये security उन्हें जाॅब में दिखाई देती है। बेशक वे हमारे लिए हमेशा सही फैसला करते हैं लेकिन ये कोई जरुरी नहीं है कि हर बार उनका फैसला सही ही हो।
आपके माता-पिता आपसे प्यार करते हैं और हमेशा आपका भला चाहते हैं। इसलिए वे आपको वही सलाह देंगे जो उनकी समझ और अनुभव के अनुसार सही होगी।
लेकिन समस्या यह है कि उनका अनुभव उनका है और आपकी जिंदगी आपकी है।
संभव है कि जिस रास्ते पर चलकर उन्हें सफलता मिली हो, वह रास्ता आपके लिए सही न हो।
उदाहरण के लिए, पहले लोग कहा करते थे—
“पढ़ोगे-लिखोगे बनोगे नवाब, खेलोगे-कूदोगे बनोगे खराब।”
लेकिन आज दुनिया बदल चुकी है।
आज खेल, संगीत, कंटेंट क्रिएशन, डिजिटल मार्केटिंग, बिजनेस, टेक्नोलॉजी और दर्जनों ऐसे क्षेत्र हैं जहाँ लोग करोड़ों रुपये कमा रहे हैं।
इसलिए केवल पुराने विचारों के आधार पर भविष्य का फैसला करना हमेशा सही नहीं होता। career का चुनाव करने से पहले खूब सोच समझ के फैसला करें| फैमिली के दबाव में या किसी और की राय लेकर फैसला ना करें|
और अपने लिए वहीं काम चुने| जिस काम को करने में आपका मन लगता हो| अपने लिए वहीं फील्ड चुने जिसमे आपका इन्टरेस्ट हो| भले ही वह काम कितना भी छोटा या बड़ा हो|
याद रखें : दुनिया में कोई भी काम छोटा या बड़ा नहीं होता|
दो रास्ते: कौन सा चुनेंगे?
जीवन में आमतौर पर दो प्रकार के रास्ते होते हैं।
पहला रास्ता
दूसरों द्वारा बनाए गए रास्ते पर चलना।
यह रास्ता अपेक्षाकृत सुरक्षित होता है। यहाँ जोखिम कम होता है और ज्यादातर लोग इसी रास्ते को चुनते हैं।
दूसरा रास्ता
अपना रास्ता खुद बनाना।
यह रास्ता कठिन होता है, यहाँ असफलता का डर भी होता है और संघर्ष भी ज्यादा करना पड़ता है।
लेकिन यदि आप सफल हो जाते हैं, तो आपको वही जीवन मिलता है जिसकी आपने कल्पना की थी।
इसलिए अगर आप अपने सपनों के पीछे जाना चाहते हैं, तो हिम्मत रखिए। लेकिन भावनाओं में बहकर नहीं, बल्कि योजना और तैयारी के साथ आगे बढ़िए।
माता-पिता के लिए एक छोटी-सी विनती
हम सभी माता-पिता का सम्मान करते हैं क्योंकि वे हमेशा अपने बच्चों का भला चाहते हैं।
लेकिन हम उनसे हाथ जोड़कर केवल इतना कहना चाहते हैं कि अपने बच्चों पर अपनी अधूरी इच्छाओं का बोझ मत डालिए।
हर बच्चा अलग होता है।
किसी में खेल की प्रतिभा होती है, किसी में कला की, किसी में व्यापार की और किसी में नेतृत्व करने की क्षमता होती है।
उन्हें अपनी पहचान खोजने का अवसर दीजिए।
क्या पता आपके बच्चे के अंदर अगला सचिन तेंदुलकर, ए.पी.जे. अब्दुल कलाम या अमिताभ बच्चन छिपा हो।
निष्कर्ष
जीवन का सबसे बड़ा पछतावा असफल होना नहीं है।
सबसे बड़ा पछतावा यह है कि आपने कभी अपने सपनों को मौका ही नहीं दिया।
इसलिए यदि आपके अंदर कोई सपना है, कोई जुनून है, तो उसे जिंदा रखिए। जिम्मेदारियां निभाइए, परिवार का सम्मान कीजिए, लेकिन अपनी पहचान मत खोइए।
याद रखिए—
दूसरों के बनाए रास्ते पर चलकर आपको वही मिलेगा जो सबको मिलता है, लेकिन अपना रास्ता खुद बनाकर आप वह हासिल कर सकते हैं जिसकी आपने कभी कल्पना की थी।
Q1. क्या Career का फैसला खुद लेना चाहिए?
हाँ, क्योंकि आपकी रुचि, क्षमता और भविष्य की जिम्मेदारी अंततः आपकी ही होती है।
Q2. क्या Passion को Career बनाया जा सकता है?
हाँ, यदि आप लगातार सीखते रहें और उस क्षेत्र में कौशल विकसित करें।
Q3. क्या नौकरी करते हुए अपने सपनों पर काम किया जा सकता है?
बिल्कुल। बहुत से लोग नौकरी के साथ-साथ अपने Passion पर काम करके बाद में उसे Profession बना लेते हैं।
Q4. क्या माता-पिता हमेशा सही Career सलाह देते हैं?
माता-पिता अपने अनुभव के आधार पर सलाह देते हैं, लेकिन अंतिम फैसला आपकी रुचि और क्षमता को ध्यान में रखकर होना चाहिए।
Q5. जीवन का सबसे बड़ा पछतावा क्या होता है?
अक्सर लोग असफल होने का नहीं, बल्कि अपने सपनों का पीछा ना करने का पछतावा करते हैं।
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