success tips for entrepreneurs- 4 बातें जो आपको सफल होने से रोक रही है

अगर लाइफ़ में कुछ बड़ा करना तो कुछ बड़ा सोचो, बड़े सपने देखों, कोई बड़ा लक्ष्य बनाओं और उसे पूरा करो। जहां भी सफलता की बात होती है, वहां यह बात सुनने को जरूर मिलती है। और लाखों लोग ऐसा करते भी हैं। वे बड़ा भी सोचते हैं; सपने भी देखते हैं; और उसे पूरा … Read more

motivational speech हम कल भी गुलाम थे और आज भी गुलाम हैं

आदमी बड़ा ही मतलबी और दुष्ट प्रकृति का प्राणी है। वह बाहर से चाहे कितना भी सभ्य बनने की कोशिश कर ले किंतु इससे उसकी फितरत नहीं बदल जाती। कहने को तो आदमी एक समाजिक प्राणी है परंतु हमेशा एक आदमी दूसरे आदमी का शोषण करने में लगा रहता हैं। अमीर आदमी गरीब आदमी का … Read more

love story in hindi: इतिहास की सबसे दर्दनाक और अनोखी सच्ची प्रेम कहानी

love story in hindi |real love story in hindi Love story in Hindi| रुला देने वाली लव स्टोरी “उई मां!” उसने इतने जोर से काटा कि मेरी चीख निकल गई। मैंने गुस्से और हैरानी का मिश्रित भाव लिए उसकी तरफ देखा। वह अपनी जीत पर इतराती हुई मंद-मंद मुस्कुरा रही थी। उसकी मुस्कराहट का मेरे … Read more

प्यार में हत्या और आत्महत्या क्यों ? why suicide and murder in love.

सुना था कि प्यार इंसान को जीना सिखाता है। प्यार इंसान के जीवन को खुशियों से भर देता है। परंतु ये कैसा प्यार है। जो मरना और मारना सीखाता है। ये कैसा प्यार है। जो इंसान की जिंदगी को विरान बना कर उसे घुट-घुट कर जीने पर मजबूर कर देता है।‌ सुना था कि प्यार … Read more

प्यार 3 प्रकार का होता है, जानें आपका प्यार कौन सा है?

प्यार एक बेहद खूबसूरत और बेहतरीन एहसास हैं और हम सभी लोग कभी ना कभी इस एहसास से जरूर गुजरते हैं। परंतु हम सबके लिए प्यार के मायने अलग-अलग होते हैं। हम में से हर कोई प्यार को अलग-अलग अर्थो में परिभाषित करता हैं। कोई सेक्स को प्यार समझता है तो कोई त्याग को प्यार … Read more

velentine’s day special- क्या प्रेम करना पाप है, क्या प्रेम करना गुनाह है‌

 velentine’s day special massage for couples is love a sin? “पोथी पढि पढि जग मुआ, पंडित भया ना कोय, ढाई आखर प्रेम के पढ़े सो पंडित होय। संत कबीर के मुंह से इस दोहे को निकले करीब 700 साल हो चुके हैं। परंतु आज तक लोग इसका अर्थ नही समझ सके हैं। तोते की तरह वेद … Read more

national youth day | पढ़िए स्वामी विवेकानंद जी के 50 प्रेरणादायक विचार

swami vivekananda motivational quotes on national youth day स्वामी विवेकानंद जयंती दोस्तों कल या 12 जनवरी को भारतीय सनातन धर्म और वेदान्त के विख्यात अध्यात्मिक गुरु और युवाओं के प्रेरणास्त्रोत स्वामी विवेकानंद का जन्म दिवस है। स्वामी विवेकानंद एक महान देशभक्त, संन्यासी और दिव्य महापुरुष थे। उन्होंने 1893 में शिकागो में हुए विश्व धर्म महासभा … Read more

आत्मा क्या है? क्या सच में आत्मा होती है ? जानिए- आत्मा का रहस्य

Aatma kya hai | what is soul in hindi पृथ्वी पर जब से हमारी चेतना का विकास हुआ। तभी से हमारे अंदर अपने अस्तित्व को लेकर सवाल उठने शुरू हो गए थे। कि हम कौन हैं और कहां से आए हैं? हमारे अंदर मौजूद जीवन क्या है? हमारे अंदर ऐसा क्या है जिसके निकलते ही … Read more

20 good habits जो आपके health को कभी ख़राब नहीं होने देगी।

good habits   जीवन में कुछ ऐसे कार्य होते हैं। जिन्हें हम प्रतिदिन नियमित रूप से बार-बार करते हैं। दैनिक जीवन में किए जाने वाले कार्यो के पुनरावृत्ति धीरे-धीरे हमारी आदत बन जाती है। हमारे पूरे जीवन की रूपरेखा इन्हीं आदतों के द्वारा तय होती है। आदतें दो प्रकार की होती है- अच्छी आदतें यानी … Read more

जीवन और मृत्यु क्या है, जानें जीवन और मृत्यु का अलौकिक रहस्य

मृत्यु एक ऐसा रहस्य है। जिसको सदियों से सुलझाने की कोशिश की जा रही है। परंतु आज इसे सुलझाया नहीं जा सका है। इस विषय अभी तक हजारों किताबें लिखी जा चुकी है परंतु आज भी कई सवाल ज्यों के त्यों बने हुए हैं। जैसे- जीवन और मृत्यु क्या है? हमारा जन्म कैसे होता है … Read more

human body में छिपे हैं ये 10 amazing super powers – आप आश्चर्य चकित रह जायेंगे

scientific fact about the human body  human body fact दोस्तों, आप‌लोगों ने सुपरमैन, स्पाइडर-मैन, आयरनमैन और क्रिश जैसे super heroes की super powers वाली बहुत सारी मुवीज देखी होगी। इन मुवीज को देखते हुए आपके मन में ये ख्याल जरूर आता होगा कि काश ये सुपरपावर्स हमारे अंदर भी होती तो मजा आ जाता। परन्तु … Read more

Human body में छुपी है ऐसी अद्भुत शक्तियां, जो हैं देवताओं से भी ज्यादा दिव्य और अलौकिक

manav sharir ki adbhut shaktiyan, amazing superpowers of humans
power and abilities of human’s

भारत एक ऐसा देश है। जहां केवल चमत्कार को ही नमस्कार किया जाता है। यहां जब भी किसी चमत्कार की बात होती है तो उसका क्रेडिट देवताओं को दिया जाता है। हालांकि इसका कोई प्रमाणिक साक्ष्य नहीं मिलता कि उन चमत्कारों के पीछे किसी दैवीय शक्ति का ही हाथ होता है। चुंकि हमारे शास्त्रों और पुराणों में भी यहीं बताया गया है कि देवी-देवता ही हमारे सर्वोसर्वा है। इसलिए हमलोग हमेशा देवताओं की ही जय-जयकार करते रहते हैं। लेकिन अगर हम आपसे कहे कि आपके शरीर के अंदर देवताओं से ज्यादा अद्भुत दिव्य और चमत्कारी शक्तियां मौजूद हैं तो आप शायद यकीन नहीं करेंगे। क्योंकि जब से हमारी आंखें खुली है। हम बाहर ही देखते आए हैं। हमारे परिवार और समाज ने भी हमें केवल बाह्य जगत के बारे में बताया है। शायद इसलिए हमारा ध्यान कभी अपने भीतर कभी गया ही नहीं है। परन्तु इस आर्टिकल में हम मानव शरीर के भीतर छिपी ऐसी दिव्य और अलौकिक शक्तियों के बारे में बतायेंगे। जिसको सुनने के आपको हनुमानजी की तरह अपनी भूली हुई शक्तियां याद आ जायेगी। और आपको अपने मनुष्य होने पर गर्व होगा।

मनुष्य की शक्तियां – manusya ke andur kitni shakti hoti hai

आपने सुना होगा कि देवता भी मनुष्य जन्म लेने के तरसते हैं। जानते हैं क्यों? क्योंकि मनुष्य को जितनी शक्तियां, जितने अधिकार मिले हैं उतने देवताओं को भी नहीं मिलें हैं। मनुष्य को इतनी शक्तियां मिली है कि वह जो चाहे वह कर सकता है। वह चाहे तो स्वयं का विकास कर सकता है या चाहे तो विनाश कर सकता है। मनुष्य की इतने अधिकार मिले हैं कि वह जो चाहे बन सकता है। चाहे तो ईश्वर हो सकता है या चाहे तो शैतान हो सकता है। मनुष्य की शक्तियां और उसके विकास की संभावनाएं अनंत है किंतु देवताओं की शक्तियां सिमित है। इसलिए देवता भी मनुष्य योनि में जन्म लेने के लिए तरसते हैं। हमारे शास्त्रों के अनुसार इस ब्रह्माण्ड में कुल 33 करोड़ देवी-देवता हैं। हमारे मुख्य देवताओं में अग्निदेव, पवनदेव, वरूण देव, सुर्य देव और इन्द्र इत्यादि का‌ नाम आता है। जो सभी देवताओं के राजा हैं।

लेकिन आपको याद होगा कि ये इंन्द्र 33 करोड़ देवी-देवताओं के साथ मिलकर भी बालि, रावण, मेघनाथ, महिषासुर, और हिरण्यकशिपु इत्यादि राक्षसों को नहीं हरा पाते थे। तब भगवान विष्णु को मनुष्य जन्म ले कर इन राक्षसों का वध करना पड़ता था। इससे यह साबित होता है कि मनुष्य शरीर में इन 33 करोड़ देवी-देवताओं से भी ज्यादा शक्तियां छिपी हुई है। आपने ये भी सुना होगा कि पृथ्वी पर जब भी कोई मनुष्य कठोर तपस्या या साधना करता है तो देवराज इन्द्र का सिंघासन डोलने लगता है। वे डर कर उसकी तपस्या भंग करने की कोशिश करने लगते हैं। इसका यह अर्थ हो सकता है कि शायद इंन्द्र जानते हैं कि मनुष्य के भीतर हमसे भी ज्यादा चमत्कारी शक्तियां छिपी हुई है। और शायद उन्हें हमेशा इस बात का सताता रहता है कि कहीं मनुष्य ने अपने अंदर की शक्तियों को जागृत कर लिया तो यह देवताओं को हरा सकता है। इसके बारे में तो हमने एक कहानी भी पढ़ी है। जिसे हम यहां संक्षेप में सुनाना चाहते हैं।

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