आयुष्मान कार्ड से इलाज नहीं कर रहा अस्पताल? जानें शिकायत कैसे करें

आयुष्मान कार्ड बन जाने के बाद जब कोई लाभार्थी इलाज के लिए अस्पताल जाता है, तो उम्मीद होती है कि उसे योजना के अनुसार cashless treatment मिलेगा। लेकिन कभी-कभी ऐसा भी हो सकता है कि अस्पताल इलाज करने से मना कर दे, आयुष्मान कार्ड स्वीकार न करे या covered treatment के लिए पैसे मांगने लगे।

ऐसी स्थिति में घबराने या तुरंत पैसे देने की जरूरत नहीं है। सबसे पहले यह समझना जरूरी है कि अस्पताल PM-JAY में empanelled है या नहीं, जिस इलाज के लिए आप गए हैं वह योजना के अंतर्गत covered है या नहीं और अस्पताल ने इलाज से मना क्यों किया है।

अगर आप पात्र लाभार्थी हैं और मामला PM-JAY के अंतर्गत आता है, तो समस्या के समाधान और शिकायत के लिए आधिकारिक grievance mechanism का इस्तेमाल किया जा सकता है। NHA के अनुसार PM-JAY में जिला, राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर grievance redressal की व्यवस्था है।

अगर आयुष्मान कार्ड से इलाज करने से अस्पताल मना करे, तो पहले Ayushman Mitra/Arogya Mitra से इलाज और eligibility की स्थिति स्पष्ट करें। अगर covered treatment के बावजूद समस्या बनी रहती है, तो PM-JAY की official grievance व्यवस्था में 14555 या online grievance portal के माध्यम से शिकायत दर्ज की जा सकती है।

आइए जानते है कि अगर आयुष्मान कार्ड से इलाज करने से अस्पताल मना करे तो क्या करें? अस्पताल के खिलाफ शिकायत कैसे करें और कहाँ करें ?


Table of Contents

आयुष्मान कार्ड से अस्पताल इलाज करने से मना करे तो सबसे पहले क्या करें?

सबसे पहले अस्पताल के Ayushman Mitra/Arogya Mitra या संबंधित staff से बात करें।

उन्हें स्पष्ट रूप से बताएं कि आप PM-JAY beneficiary हैं और आयुष्मान कार्ड के माध्यम से इलाज कराना चाहते हैं।

जल्दबाजी में बहस करने या अस्पताल छोड़ने के बजाय इन बातों की जानकारी लें:

  • इलाज योजना के अंतर्गत covered है या नहीं?
  • अस्पताल PM-JAY में empanelled है या नहीं?
  • इस treatment के लिए कोई specific package लागू होता है या नहीं?
  • आपका verification/e-KYC पूरा है या नहीं?
  • अस्पताल इलाज से मना करने का कारण क्या बता रहा है?

अगर अस्पताल का कहना है कि यह particular treatment PM-JAY के अंतर्गत covered नहीं है, तो पहले इसकी पुष्टि कर लें। हर बीमारी, जांच या treatment अपने-आप योजना के अंतर्गत covered नहीं होता।

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क्या empanelled hospital आयुष्मान मरीज को इलाज से मना कर सकता है?

PM-JAY की official guidance के अनुसार beneficiary को empanelled hospital में योजना के तहत उपलब्ध covered treatment का लाभ मिलना चाहिए। NHA की FAQ में यह भी कहा गया है कि किसी दूसरे राज्य के empanelled hospital में treatment लेने वाले PM-JAY beneficiary को सेवा से deny नहीं किया जाना चाहिए।

लेकिन इसका अर्थ यह नहीं है कि हर परिस्थिति में अस्पताल हर प्रकार का इलाज मुफ्त करने के लिए बाध्य है।

उदाहरण के लिए:

  • treatment PM-JAY package में covered न हो,
  • संबंधित package उस hospital में उपलब्ध न हो,
  • आवश्यक medical condition या authorization की requirement हो,
  • beneficiary की eligibility/verification में समस्या हो,

तो स्थिति अलग हो सकती है।

इसलिए शिकायत करने से पहले refusal का वास्तविक कारण समझना बहुत जरूरी है।

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अस्पताल आयुष्मान कार्ड से इलाज के लिए पैसे मांगे तो क्या करें?

अगर आपका treatment PM-JAY के अंतर्गत covered है और अस्पताल आपसे उसी covered treatment के लिए पैसे मांग रहा है, तो बिना जानकारी के तुरंत payment करने के बजाय पहले Ayushman Mitra/Arogya Mitra से स्थिति स्पष्ट करें।

अगर समस्या हल नहीं होती है, तो शिकायत दर्ज की जा सकती है।

NHA के beneficiary अधिकार संबंधी दस्तावेज में PM-JAY के अंतर्गत service delivery से जुड़ी शिकायत के लिए 14555 toll-free helpline का उल्लेख किया गया है।

अस्पताल के खिलाफ शिकायत कैसे करें?

PM-JAY में शिकायत दर्ज करने के लिए Central Grievance Redressal Management System (CGRMS) उपलब्ध है।

शिकायत online दर्ज की जा सकती है और NHA के grievance guidelines के अनुसार 14555 पर संपर्क करके भी शिकायत दर्ज कराई जा सकती है।

Online शिकायत कैसे करें?

सबसे पहले PM-JAY के official grievance portal पर जाएं:

इसके बाद portal में उपलब्ध निर्देशों के अनुसार अपनी grievance दर्ज करें।

शिकायत में कोशिश करें कि पूरी और सही जानकारी दें:

  • आपका नाम
  • मोबाइल नंबर
  • Ayushman/beneficiary ID, यदि उपलब्ध हो
  • अस्पताल का नाम
  • अस्पताल का पता
  • इलाज/बीमारी की जानकारी
  • अस्पताल में जाने की तारीख
  • अस्पताल ने क्या कहकर इलाज से मना किया
  • पैसे मांगे गए तो कितने पैसे मांगे गए
  • उपलब्ध documents या अन्य relevant evidence

शिकायत करने के बाद क्या होता है?

PM-JAY grievance system में शिकायत दर्ज होने के बाद उसे एक Unique Grievance Number (UGN) दिया जाता है।

इस नंबर को संभालकर रखें क्योंकि इसी की मदद से grievance का status track किया जा सकता है। NHA के grievance guidelines के अनुसार unresolved मामलों को निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार higher authority तक escalate किया जा सकता है।

PM-JAY की grievance व्यवस्था में District, State और National level पर redressal mechanism मौजूद है।

इसलिए शिकायत करने के बाद मिलने वाला grievance number delete या खोना नहीं चाहिए।

शिकायत करने के लिए कौन-से सबूत रखें?

अगर अस्पताल ने इलाज से मना किया है या पैसे मांगे हैं, तो उपलब्ध होने पर ये चीजें सुरक्षित रखना उपयोगी हो सकता है:

  • Ayushman Card की copy
  • beneficiary ID/details
  • अस्पताल की registration slip
  • prescription
  • doctor की सलाह
  • admission/discharge documents
  • hospital bill या estimate
  • पैसे मांगने से संबंधित receipt
  • SMS या अन्य communication
  • अस्पताल का नाम और तारीख
  • यदि उचित और कानूनी तरीके से उपलब्ध हो तो संबंधित evidence

लेकिन किसी भी मरीज की निजी medical information या दूसरे व्यक्ति की तस्वीर/वीडियो को बिना अनुमति के social media पर सार्वजनिक न करें।

अगर अस्पताल कहे कि यहां आयुष्मान कार्ड नहीं चलता तो?

अगर अस्पताल PM-JAY में empanelled होने का दावा करता है लेकिन कहता है कि “यहां आयुष्मान कार्ड नहीं चलता”, तो पहले Ayushman Mitra से बात करें और यह पता करें कि आपका specific treatment योजना के अंतर्गत उपलब्ध है या नहीं।

अगर hospital PM-JAY के तहत संबंधित treatment provide करने में सक्षम/empanelled नहीं है, तो किसी दूसरे empanelled hospital का विकल्प तलाशना बेहतर हो सकता है।

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दूसरे राज्य में इलाज कराने से मना करे तो?

PM-JAY में portability की सुविधा है। NHA की official FAQ के अनुसार beneficiary अपने home state के बाहर भी empanelled hospital में cashless treatment ले सकता है, यदि treatment योजना के अंतर्गत covered है।

इसलिए केवल यह कहकर कि आपका Ayushman Card किसी दूसरे राज्य का है, eligible covered treatment से मना करना सामान्य नियम नहीं है।

अगर ऐसी समस्या आती है, तो पहले hospital के Ayushman Mitra से बात करें और जरूरत पड़ने पर 14555 पर grievance/support के लिए संपर्क करें।

Emergency में क्या करें?

अगर मरीज की स्थिति गंभीर है और तत्काल चिकित्सा की जरूरत है, तो केवल शिकायत की प्रक्रिया पूरी होने का इंतजार न करें।

पहली प्राथमिकता मरीज की जान और तत्काल चिकित्सा सहायता है।

PM-JAY की official technical guidance में emergency situations के लिए beneficiary identification की विशेष प्रक्रिया का उल्लेख है।

ऐसी स्थिति में अस्पताल के emergency department में तुरंत medical assistance मांगें और साथ-साथ PM-JAY/Ayushman staff से beneficiary verification के बारे में बात करें।

अस्पताल ने मना किया तो क्या तुरंत पुलिस में शिकायत करें?

हर मामले में सीधे पुलिस शिकायत करना जरूरी नहीं है।

पहले यह देखें कि समस्या किस प्रकार की है:

अगर मामला PM-JAY service denial, गलत billing या scheme-related grievance का है, तो PM-JAY grievance mechanism का इस्तेमाल करें।

लेकिन अगर मामला धोखाधड़ी, धमकी, मारपीट, जबरदस्ती या किसी अन्य गंभीर अपराध से जुड़ा है, तो स्थिति के अनुसार स्थानीय पुलिस/कानूनी सहायता लेना भी जरूरी हो सकता है।

आयुष्मान कार्ड से जुड़े विवाद में ये गलती न करें

अस्पताल में समस्या होने पर:

❌ बिना समझे किसी को OTP न दें।
❌ अनजान व्यक्ति को Aadhaar OTP न बताएं।
❌ बिना receipt के पैसे देने से बचें।
❌ grievance number मिलने के बाद उसे संभालकर रखें।
❌ केवल social media पर शिकायत करके official grievance दर्ज करना न भूलें।

और सबसे जरूरी—

पहले यह confirm करें कि आपका specific treatment PM-JAY के अंतर्गत covered है।

क्योंकि हर medical service automatically Ayushman Card के तहत free नहीं होती।

आयुष्मान कार्ड से इलाज में परेशानी हो तो आसान तरीका

पूरी प्रक्रिया को आप इस तरह याद रख सकते हैं:

1. अस्पताल का PM-JAY empanelment check करें

2. Ayushman Mitra/Arogya Mitra से बात करें

3. इलाज और package covered है या नहीं, पता करें

4. समस्या बनी रहे तो 14555 पर संपर्क करें

5. जरूरत पड़ने पर CGRMS portal पर grievance दर्ज करें

6. Unique Grievance Number संभालकर रखें और status track करें

PM-JAY की grievance system इसी तरह beneficiary की शिकायत को संबंधित grievance authority तक पहुंचाने के लिए बनाई गई है।

आयुष्मान कार्ड से इलाज कैसे कराएं

निष्कर्ष

अगर आयुष्मान कार्ड होने के बावजूद अस्पताल इलाज करने से मना करता है, तो सबसे पहले शांत रहें और refusal का कारण समझें। यह जांचना जरूरी है कि अस्पताल PM-JAY में empanelled है या नहीं और जिस treatment के लिए आप गए हैं वह योजना के अंतर्गत covered है या नहीं।

अगर covered service से जुड़ी genuine समस्या है और अस्पताल से बात करने के बाद भी समाधान नहीं होता, तो PM-JAY की official grievance व्यवस्था का इस्तेमाल करें। आप 14555 पर संपर्क कर सकते हैं या CGRMS grievance portal के माध्यम से शिकायत दर्ज कर सकते हैं। शिकायत दर्ज होने पर मिलने वाला Unique Grievance Number जरूर सुरक्षित रखें।

और अगर मामला emergency का है, तो सबसे पहले मरीज की तत्काल चिकित्सा को प्राथमिकता दें।


अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)

Q1. आयुष्मान कार्ड से इलाज करने से अस्पताल मना करे तो क्या करें?

सबसे पहले अस्पताल के Ayushman Mitra/Arogya Mitra से बात करके इलाज से मना करने का कारण पता करें। अगर covered treatment से जुड़ी समस्या है और समाधान नहीं होता, तो PM-JAY grievance system में शिकायत की जा सकती है।

Q2. आयुष्मान कार्ड से अस्पताल पैसे मांगे तो क्या करें?

अगर covered treatment के लिए अस्पताल पैसे मांग रहा है, तो पहले Ayushman Mitra से स्थिति स्पष्ट करें। समस्या बनी रहने पर PM-JAY की official grievance व्यवस्था में शिकायत की जा सकती है।

Q3. आयुष्मान कार्ड की शिकायत कहां करें?

PM-JAY की grievance व्यवस्था के माध्यम से शिकायत की जा सकती है। इसके लिए official grievance portal और 14555 helpline का इस्तेमाल किया जा सकता है।

Q4. आयुष्मान कार्ड की ऑनलाइन शिकायत कैसे करें?

PM-JAY के official grievance portal पर जाकर उपलब्ध प्रक्रिया के अनुसार grievance दर्ज की जा सकती है।

Q5. आयुष्मान कार्ड की शिकायत करने के बाद क्या होता है?

शिकायत दर्ज होने के बाद उसे grievance system में process किया जाता है। शिकायतकर्ता को Unique Grievance Number मिल सकता है, जिसकी मदद से शिकायत की स्थिति track की जा सकती है।

 याद रखिए…

आयुष्मान कार्ड केवल एक कार्ड है आपके पास कार्ड होना मुफ़्त इलाज की गारंटी नहीं है।  भारत जैसे भ्रष्ट व्यवस्था वाले देश में फौरन सरकारी मदद मिलने की उम्मीद ना रखें । इसलिए सबसे पहले अपने मरीज की तत्काल चिकित्सा को प्राथमिकता दें और अस्पताल वालों से कोई झंझट ना करें। केवल उचित और कानूनी तरीके से शिकायत करें। 

अगर आपने अभी तक आयुष्मान कार्ड डाउनलोड नहीं किया है तो ऐसे डाउनलोड करें 

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